*आखिरकार 25 साल बाद जेट एयरवेज फिसलता जा रहा नरेश गोयल के हाथ से*
25 साल बाद देश की सबसे पुरानी प्राइवेट एयरलाइन जेट एयरवेज की कमान इसके फाउंडर नरेश गोयल के हाथों से निकल रही है. जेट पर बैंकों का 8,200 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है.
जेट एयरवेज की उड़ान में दम भरने के लिए बैंकों का कंसोर्शियम, एतिहाद और नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रा फंड (NIIF) एयरलाइन में करीब 3,400 करोड़ रुपये का निवेश करेगा. जिसके बाद बैंक जेट के सबसे बड़े शेयरहोल्डर बन जाएंगे. बता दें कि इस निवेश के बाद नरेश गोयल के हाथ से जेट का मैनेजमेंट कंट्रोल निकल जाएगा और एयरलाइन में उनकी हिस्सेदारी 51 फीसदी से घटकर 20 फीसदी पर आ जाएगी. बैंकों के कंसोर्शियम की जेट में सबसे ज्यादा 32 फीसदी हिस्सेदारी होगी. एतिहाद के पास करीब 25 फीसदी और एनआईआईएफ के पास 19.50 फीसदी हिस्सा होगा.






