राजगढ़ मे दिखावे की झलखिया बटोर रहा जिला प्रशासन,मीडिया का असर भी बेअसर

राजगढ़ मे दिखावे की झलखिया बटोर रहा जिला प्रशासन,मीडिया का असर भी बेअसर
सीएम ने राजगढ़ मे भले ही दो अधिकारियों को मंच से निलंबित कर सुर्खियां बटोरी लेकिन सिस्टम मे नहीं सुधार

शिक्षक का सम्मान नहीं हुआ तो सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर किया दुख प्रकट
राजगढ़
गणतंत्रता दिवस का पर्व पूरे भारत में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है इसमें तिरंगे के सम्मान में अच्छे कार्य करने वाले लोगों को तिरंगा लहराने के साथ-साथ उन लोगों का भी हौसला बढ़ाया जाता है जो तिरंगे की शान में देश हित में जनहित में अच्छा कार्य करते हैं लेकिन राजगढ़ जिले में एक शिक्षक के साथ जो हुआ उसे मामला गरमा गया और पूरे शिक्षा महकमे में हलचल मच गई।

दरअसल राजगढ़ जिले के छापरी कलां गांव के प्राथमिक शिक्षक श्री हिम्मत सिंह मीणा ने शासकीय स्कूलों मे फिसड्डी मामलो मे अपनी एक अलग ही पहचान बना गई ग्रामीण ओर कुछ सूत्रों की माने तो शिक्षक ने स्कूल को एक मंदिर को तरह सजाकर अपने दो माह का वेतन भी स्कूल पर खर्च कर दिया
वहीं शिक्षक श्री मीणा अपने बेटे को भी उसी स्कूल में दाखिला दिलवाया जिसमे छापरी कलां गांव के बच्चे पढ़ते है।जर्जर हालत मे बनी बिल्डिंग को शासन ओर खुद की मेहनत से अपने घर की तरह मेहनत की गई ओर उसे मंदिर की तरह सजा दिया जिससे बच्चे भी स्कूल में पढ़ने में मन लगे ओर अपने आप को एक अलग माहोल मे महसूस करे।

इसकी तारीफ यही नहीं रुकती इस मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने वरिष्ट अधिकारियों को अवगत कराया तो कलेक्टर के फेस बुक एकाउंट से भी इस स्कूल की प्रशंसा में चार चांद लगा दिए गए।ओर जमकर तारीफ की गई
अब हुआ क्या की गणतंत्रता दिवस के अवसर पर शिक्षक हिम्मत सिंह मीणा के पास शिक्षा विभाग के अधिकारियों का फोन आता है ओर उन्हे प्रभारी मंत्री ड्रा मोहन यादव ओर जिला कलेक्टर पुलिस अधीक्षक के हाथो से प्रंशासा पत्र ओर सम्मानित किया जाना था लेकिन शिक्षक जब राजगढ़ पहुंचा तो उल्टा हुआ वह सम्मान की सूची से हिम्मत सिंह का नाम गायब था शिक्षक मीणा के अनुसार उसने मामले मे अपने नाम को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी श्री बी एस बिसोरिया को भी अवगत कराया लेकिन शिक्षण ने द सूत्र को बताया कि वह मौके पर कही नाम जोड़े गए लेकिन मेरी सुनवाई नहीं जब मामले मे द सूत्र ने brc सुवा लाल जाट को कॉल किया तो कॉल ही रिसीव नहीं किया इसके बाद डीपीसी श्री इंडोलिया को मामले से अवगत कराया जहा उनके द्वारा भी इस मामले में संज्ञान होना नहीं बताया और उन्होंने शीघ्र ही बी आर सी नरसिंहगढ़ से बात करने की बात कही।

इसके बाद पता चलता है कि शिक्षक श्री हिम्मत सिंह मीणा का सम्मान अब जिला कलेक्टर हर्ष दीक्षित के द्वारा उत्कृष्ट विद्यालय राजगढ़ में करवाया जाएगा इसको लेकर बीआरसी अधिकारी द्वारा शिक्षक के पास कॉल कर राजगढ़ बुलाया गया लेकिन शिक्षक द्वारा कही देर तक उनका कॉल रिसीव नहीं किया ओर जब किया तो बी आर सी ने उन्हे बड़ा अधिकारी बनने की बात तक कह डाली की अब इतने बड़े हो गए की मेरा ही कॉल रिसीव। नहीं कर रहे शिक्षा विभाग के अधिकारियों की शिक्षक के बातचीत के बाद उन्हें सम्मान को लेकर राजगढ़ बुलाया गया था लेकिन शिक्षक के अनुसार 100 किलो मीटर की दूरी देख अब यह कहना है कि में नहीं गया अगर मेरा सम्मान ही करना है तो मेरे विद्यालय में आए मेरा स्वागत ही नहीं बल्कि मेरे द्वारा किए गए कार्य भी देख सकते है।मुझे सम्मान की जरूरत नहीं है।लेकिन अपमानित हुआ उसका दुख है।

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