शासन की तत्परता और सहायता से फिर चल पड़ी अत्यावश्यक दवाई बनाने की फ़ैक्ट्री*

*शासन की तत्परता और सहायता से फिर चल पड़ी अत्यावश्यक दवाई बनाने की फ़ैक्ट्री*
इंदौर 31 मार्च
शासन की तत्परता और सजगता से एक अत्यंत महत्वपूर्ण दवा बनाने वाली कंपनी अपना उत्पादन पुन: प्रारंभ करने जा रही है। इंदौर में सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र में स्थित Ipca लेबोरेटरी कंपनी विगत दिनों लॉकडाउन की परिस्थितियों के कारण बंद होने की कगार पर आ गई थी. यहाँ कार्यरत कर्मचारी निरंतर आवागमन और अन्य बाधाओं के कारण फ़ैक्ट्री नहीं पहुँच पा रहे थे। उल्लेखनीय है कि यह फ़ैक्ट्री *हाइड्रोक्सीक्लोरो क्वीन* नामक अत्यंत महत्वपूर्ण दवा के निर्माण के लिए उपयोग में आने वाले रा मटेरियल के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण फ़ैक्ट्री है। भारत सरकार द्वारा इस रा मटेरियल के निर्माण के लिए इस कम्पनी को अधिकृत किया गया है। यह रा_ मटेरियल उस दवा को बनाने के काम आता है जिस दवा से अभी *कोरोना* का उपचार किया जा रहा है। मुख्य सचिव श्री इक़बाल सिंह बैंस के संज्ञान में यह तथ्य आने पर उन्होने संभागायुक्त इन्दौर को निर्देश दिए थे। संभागायुक्त श्री आकाश त्रिपाठी ने फै़क्टरी प्रबंधन से चर्चा की और सभी बाधाएँ दूर करने का इंतज़ाम किया। उन्होंने इंदौर विकास प्राधिकरण के रिक्त पड़े फ़्लैट्स कंपनी को कर्मचारियों के आवास के लिए मुहैया कराने का प्रस्ताव रखा। मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास केंद्र इंदौर के MD श्रीकुमार पुरुषोत्तम ने बताया है कि यहाँ कार्यरत लगभग 700 कर्मचारियों ने कर्फ़्यू और अन्य वजह से काम पर आना छोड़ दिया था। यह तथ्य संज्ञान में आने पर इन कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था निकट के ida के फ़्लैट्स में की गई है। स्कीम नंबर 155 में स्थित मल्टी में फ़्लैट्स इस कंपनी को उपलब्ध कराए गए हैं। फ़ैक्ट्री के कॉन्ट्रैक्ट वर्कर हाइजीनिक वातावरण में यहाँ रहेंगे। फ़ैक्ट्री में कार्यरत तो जो कर्मचारी अपने दोपहिया वाहनों से शहर के विभिन्न स्थानों से फ़ैक्ट्री आते थे अब उनके फ़ैक्ट्री आने जाने के लिए बस का इंतज़ाम भी कलेक्टर श्री मनीष सिंह के निर्देश पर अटल सिटी ट्रांसपोर्ट से किया गया है। इन बसों को परमिट प्रदान किया गया है। कर्मचारियों के खाने पीने की व्यवस्था वहीं पर की जा रही है। अब यह फ़ैक्ट्री पुनः प्रारम्भ हो गई है और देश एक महत्वपूर्ण दवा निर्माण के उपयोगी घटक से वंचित नहीं होगा। कंपनी के फ़ैक्ट्री मैनेजर श्री चंद्रसेन हिलाल का कहना है कि यदि इन्दौर का प्रशासन उनकी मदद नहीं करता तो कोरोना के उपचार में उपयोग आने वाली एक महत्वपूर्ण दवा के निर्माण में गंभीर बाधा उत्पन्न हो जाती।

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