*मध्य प्रदेश सरकार ने मंदिरों की जमीन को नीलाम करने का कोई भी निर्णय नहीं लिया है।*
इसको लेकर एक समाचार पत्र में भ्रामक खबर छपी थी कि कैबिनेट बैठक में इस तरह का प्रस्ताव आने वाला है , जबकि इस तरह का कोई भी प्रस्ताव ना विचाराधीन है , ना कैबिनेट में आया और ना सरकार ने इस तरह का कोई निर्णय लिया है।
दूसरा राज्य सरकार ने किसी भी मस्जिद को हर माह राशि देने का कोई निर्णय नहीं लिया है।
हां मस्जिद के इमामो के मानदेय में वृद्धि जरूर की गई है।वही कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में वादा किया था कि पुजारियों का मानदेय बढ़ाया जाएगा और उस वादे को पूरा करते हुए सरकार बनने के 6 माह के भीतर ही हमने पुजारियों के मानदेय में 3 गुना की वृद्धि राज्य की कांग्रेस सरकार ने की है।
आदिवासियों को हिंदू धर्म से अलग करने को लेकर भी कांग्रेस ने ना कोई योजना बनाई है और ना कोई इस तरह का निर्णय लिया है।
सारी खबरें भ्रामक व झूठी है और भाजपा और उससे जुड़े संगठन सरकार की छवि खराब करने के लिए इस तरह का झूठा वह भ्रामक प्रचार कर रहे हैं।
•हमने राम वन गमन पथ के निर्माण का वादा वचन पत्र में किया था और उसके निर्माण को लेकर कार्य योजना पर काम चल रहा है।
•हमने 1000 गौशाला बनाने का वचन पत्र में वादा किया था और उस पर भी काम चल रहा है।
•हमने ओरछा के राजा राम मंदिर में करोड़ों रुपए खर्च कर विकास कार्य किये है और अब 6 से 8 मार्च तक हम ओरछा महोत्सव करने जा रहे हैं।
•हमने महाकाल मंदिर के विस्तार को लेकर 300 करोड़ की योजना बनाई है।
•हमने ओंकारेश्वर मंदिर के विस्तार को लेकर 146 करोड़ की योजना बनाई है।
•हमने श्रीलंका में 5 करोड़ की लागत से माता सीता का मंदिर बनाने का निर्णय लिया है।






