*शहरी विकास संबंधी अध्ययन के लिये बनी संसदीय समिति ने शहर में देखे स्वच्छता के कार्य*

*शहरी विकास संबंधी अध्ययन के लिये बनी संसदीय समिति ने शहर में देखे स्वच्छता के कार्य*
*स्मार्ट सड़क का अवलोकन भी किया*
*इंदौर के विकास और स्वच्छता के कार्यो की सराहना की*
इंदौर 15 जनवरी, 2020
शहरी विकास संबंधी अध्ययन के लिये गठित संसदीय स्थायी समिति में आज शहर में स्वच्छता एवं विभिन्न विकास कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने शहर की पहली स्मार्ट सड़क को भी देखा। समिति के सदस्यों ने उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर मध्यप्रदेश विशेषकर इंदौर में चल रही स्मार्ट सिटी परियोजना, अमृत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छता मिशन आदि के कार्यों की जानकारी प्राप्त की। समिति ने इंदौर के विकास के लिये किये जा रहे कार्यों और स्वच्छता की सराहना की।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष श्री जगदम्बिका पाल, सदस्यगण सर्वश्री दिग्विजय सिंह, शंकर लालवानी, कल्याण बेनर्जी, सैय्यद इम्तियाज जलील, रामचरण वोहरा, सुनील कुमार सोनी, अहमद हसन, हिवी हेडन, संयुक्त सचिव भारत शासन श्री बी.के. जिंदल, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन श्री संजय दुबे, कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जाटव, नगर निगम आयुक्त श्री आशीष सिंह सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
समिति के सदस्यों ने अपना दौरा गिटार चौराहे से लेकर साकेत नगर चौराहे तक बनी स्मार्ट सिटी के अवलोकन से प्रारंभ किया। यहां उन्होंने सड़क पर नागरिकों के लिये उपलब्ध करायी गई सुविधाओं को देखा। सड़क पर बनाये गये बस स्टाप का अवलोकन किया। उन्होंने इस रोड पर लगाये गये स्मार्ट डस्टबिन को देखा और उसकी कार्यप्रणाली समझी। इसके बाद समिति के सदस्य अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट तथा ट्रेचिंग ग्राउण्ड के अवलोकन के लिये पहुंचे। यहां उन्होंने ट्रेचिंग ग्राउण्ड पर विकसित उद्यान को देखा। उद्यान में लगाये गये पौधों के जीपीएस सिस्टम की जानकारी ली। उन्होंने कचरे से खाद तथा अन्य सामग्री बनाये जाने की इकाई को भी देखा। समिति के सदस्य इसके बाद होटल रेडिसन पहुंचे। यहां उन्होंने उच्च अधिकारियों के साथ बैठक ली।
बैठक में प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन श्री संजय दुबे ने मध्यप्रदेश में कराये जा रहे शहरी विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इंदौर को मॉडल मानकर यहां जैसे कार्य पूरे प्रदेश में किये जा रहे हैं। इंदौर तीन वर्ष से स्वच्छता में अव्वल है। इसी तरह भोपाल देश में दूसरे नंबर पर है। प्रदेश में 20 से अधिक ऐसे शहर है जो देश के टॉप 100 शहरों में शामिल हैं। मध्यप्रदेश के शहरों को भारत सरकार के 19 से अधिक अवार्ड प्राप्त हो चुके हैं। इंदौर को फाइव स्टार रेटिंग मिली हुई है। अब यह रेटिंग सेवन स्टार करने की है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश के शहर स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्टता की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में किये जा रहे स्वच्छता के कार्यों के अच्छे परिणाम भी मिल रहे हैं। मध्यप्रदेश में जहां भी बड़े आयोजन होते हैं। वहां स्वच्छता के परिणाम देखे जा सकते हैं। नगर निगम आयुक्त श्री आशीष सिंह ने इंदौर में कराये जा रहे स्वच्छता संबंधी कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने सरस्वती एवं कान्ह नदी के संरक्षण के लिये किये जा रहे कार्यों की जानकारी भी दी।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष श्री जगदम्बिका पाल ने मध्यप्रदेश विशेषकर इंदौर में स्वच्छता संबंधी कार्यों की सराहना की। समिति के अन्य सदस्यों ने भी स्वच्छता और शहरी विकास के कार्यों को सराहा। उन्होंने कहा कि इंदौर मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि देश के अन्य शहरों के लिये भी रोल मॉडल है। इंदौर जैसे कार्य अन्य शहरों में भी कराये जाना चाहिये। समिति के सदस्यों ने शहरी विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिये अपने-अपने सुझाव दिये।

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