अच्छे रिजल्ट नहीं देने वाले इंजीनियरों पर कार्रवाई होगी
शहरों की बिलिंग एफिशिएंसी 95 फीसदी तक ले जाए- श्री नरवाल
इंदौर। फील्ड में वे ही इंजीनियर पोस्टेड रह पाएंगे तो बेहतर काम करेंगे, अच्छे रिजल्ट देंगे। इंदौर, देवास, उज्जैन, रतलाम, खंडवा, बुरहानपुर जैसे शहरों की बिलिगं एफिशिएंसी 95 फीसदी तक होना चाहिए।
ये निर्देश मप्रपक्षेविविकं इंदौर के एमडी श्री विकास नरवाल ने दिए। सोमवार दोपहर कंपनी क्षेत्र के इंजीनियरों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इंदौर शहर की बिलिंग एफिशिएंसी 85 से बढ़कर 92 फीसदी हुई , यह 95 तक पहुंचना चाहिए। इसी तरह की प्रोग्रेस उज्जैन, देवास, रतलाम, खंडवा, बुरहानपुर सिटी की हो। श्री नरवाल ने कहा कि शहरों का मीटरीकरण पूरा हो गया हैं, अब बिलिंग मामले में तनिक भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। श्री नरवाल ने कहा कि सही रीडिंग, सही बिलिंग, समय पर बिल वितरण एवं समय पर बिलों की वसूली हमारा मुख्य काम हैं। बिजली आपूर्ति एवं बिल मामले में कोई लापरवाही न बरते, वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहे।
नोटिस देने के निर्देश
एमडी श्री विकास नरवाल ने सीजीएम श्री संतोष टैगोर, ईडी श्री गजरा मेहता को निर्देश दिए कि उन 39 फीडरों से संबंधित इंजीनियरों को नोटिस दिए जाए, जहां कृषि के फीडरों पर 10 घंटे से ज्यादा बिजली वितरित हुई हैं। यह कंपनी के राजस्व पर प्रतिकूल असर डाल सकती हैं, अतः इस मामले में कार्रवाई बगैर विलंब की जाए।
ट्रांसफार्मर ज्यादा फेल क्यों…
श्री नरवाल ने शाजापुर, उज्जैन क्षेत्र में ट्रांसफार्मर के फेल रेट ज्यादा होने पर भी रिपोर्ट तलब करने को कहा। इस मौके पर डायरेक्टर श्री मनोज झंवर, ईडी श्री संजय मोहासे, सीई श्री सुब्रतो राय, श्री आरएस खत्री, श्री रवि मिश्रा, श्री एसएल करवाड़िया, शहर अधीक्षण यंत्री श्री अशोक शर्मा, ग्रामीण अधीक्षण यंत्री श्री कामेश श्रीवास्तव ने भी विचार रखे।
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