भोपाल पीडब्ल्यूडी ने प्रदेश के जिला और तहसील मुख्यालयों पर मौजूद रेस्ट हाउस और उनकी बेशकीमती जमीनों पर कारोबारी गतिविधियां चलाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया है।

भोपाल पीडब्ल्यूडी ने प्रदेश के जिला और तहसील मुख्यालयों पर मौजूद रेस्ट हाउस और उनकी बेशकीमती जमीनों पर कारोबारी गतिविधियां चलाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया है। विभाग ने अपने इन रेस्ट हाउस को चिह्नित कर अरबों रुपए मूल्य की प्रॉपर्टी को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड में निजी क्षेत्र को देने की योजना बनाई है। पीडब्ल्यूडी के अफसरों के अनुसार उसके प्रदेश में 400 से अधिक अतिथि गृह हैं। इनमें से कई रेस्ट हाउस ऐसे हैं जहां तैनात स्टाफ और भवन का रखरखाव भी उसे महंगा लगने लगा है। विभाग पर्यटन विकास निगम के जरिए ये प्रॉपर्टी निजी क्षेत्र को पीपीपी मोड पर व्यावसायिक गतिविधियों के लिए की तैयारी कर रहा है। बताते हैं कि ये जमीनें जिला और तहसील मुख्यालयों पर स्थित इन रेस्ट हाउस के साथ मौजूद प्राइम लोकेशन पर हैं तथा इन जमीनों की कीमतें आसमान छू रही हैं।

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