ग्रीन कार्ड लेने वाले भारतीयों की संख्या में भारी इजाफा!*

*ग्रीन कार्ड लेने वाले भारतीयों की संख्या में भारी इजाफा!*

अमेरिका में EB-5 वीजा पाने के मामले में भारतीयों ने दक्षिण अफ्रीका और ताइवान को पछाड़कर तीसरे नंबर पर जगह बना ली है. अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट के आंकड़ों के मुताबिक, बीते दो साल में निवेश से जुड़े ‘कैश फॉर ग्रीन कार्ड’ यानी ईबी-5 वीजा लेने वाले भारतीयों की संख्या में चार गुना तक इजाफा हुआ है.

स्टेट डिपार्टमेंट के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2018 को समाप्त हुई 12 महीने की अवधि में EB-5 में 585 ग्रीन कार्ड जारी किए गए, जबकि साल 2017 में ये आंकड़ा 174 था. वहीं साल 2016 में जारी कुल 149 ग्रीन कार्ड से तुलना की जाए, तो दो साल के दौरान इसमें 293 फीसदी की बड़ी वृद्धि हुई है.

ईबी-5 वीजा के लिए 5 लाख अमेरिकन डॉलर का निवेश करना होता है और वहां कम से कम 10 रोजगार देना होता है. इस निवेश के बदले वीजा मिलने पर दो लोगों के लिए ग्रीन कार्ड मिलता है. जिनके पास पैसा है, उनके और उनके बच्चों के भविष्य के लिए EB-5 अच्छा सौदा है.

एक तरफ H1 और HL1 वीजा की संख्या में कमी करके अमेरिका युवा प्रोफेशनल को वापस भेज रहे है, वहीं EB-5 वीजा के जरिये भारतीय निवेश के लिए अमेरिका में रस्ते खोल रहा है. भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मेक इन इंडिया के सपने के सामने अमेरिका में निवेश बढ़ रहा है.

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