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पत्रकार ने दिखाई रिवाल्वर और साथियों के साथ किया विवाहिता से सामूहिक दुष्कर्म

पत्रकार ने दिखाई रिवाल्वर और साथियों के साथ किया विवाहिता से सामूहिक दुष्कर्म

— पीड़िता ने मजिस्ट्रेट को दिए बयान में पुलिस पर लगाया आरोपी को बचाने का आरोप
— पत्रकार चंद्रमोहन दुबे की जगह एक निर्दोष व्यक्ति को जेल भेजने की थी पुलिस की तैयारी

भोपाल। राजधानी एक बार फिर सामूहिक बलात्कार के कारण शर्मसार हुई है। एक विवाहित युवती ने समर्थ सहारा मीडिया समूह के पत्रकार चंद्रमोहन दुबे पर उसके साथियों के साथ मिलकर बंदूक से डराकर बलात्कार करने की शिकायत की है। थाना कमलानगर को दिए आवेदन के बाद मंगलवार को न्यायालय में दिए बयान में युवती ने पुलिस पर आरोपी पत्रकार को बचाने का भी आरोप लगाया। इसके बाद न्यायाधीश शिराज अहमद ने पुलिस को सही आरोपी को गिरफ्तार करने के आदेश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार पीड़ित युवती ने सोमवार को एक आवेदन दिया था। इसमें युवती ने पत्रकार चंद्रमोहन दुबे तथा अन्य द्वारा उसके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया था। यह मामला लगभग एक सप्ताह पूर्व कोलार थाने में दर्ज हुआ था। इसमें युवती ने चंद्रमोहन दुबे एवं अन्य पर उसके घर में घुसकर रिवाल्वर से धमकाते हुए सामूहिक बलात्कार करने की शिकायत की थी। कोलार पुलिस ने विपुल नाम के युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया पर युवती के साथ बलात्कार करने वाले अन्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया था।
सोमवार को युवती ने कमलानगर थाने में आवेदन देकर पत्रकार चंद्रमोहन दुबे एवं अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की थी। इस मामले में फरियादिया ने धारा 164 के तहत कोर्ट में बयान भी दर्ज कराए। बयान में भी युवती ने चंद्रमोहन दुबे पर रिवाल्वर दिखाने और उसके साथ अन्य द्वारा उसे धमकाकर बलात्कार करने की बात स्वीकार की थी। महिला की शिकायत के बाद सोमवार को पुलिस ने पत्रकार चंद्रमोहन दुबे को पूछताछ के लिए बुलाकर छोड़ दिया था। इसके बाद मंगलवार को युवती ने फिर न्यायालय में आवेदन देकर आरोपियों को गिरफ्तार करने का बयान दिया। पीड़िता ने कोर्ट को बताया कि आरोपी पत्रकार चंद्रमोहन दुबे रसूखदार होने के कारण पुलिस उसके स्थान पर किसी रामलाल नाम के निर्दोष व्यक्ति को आरोपी बनाकर जेल भेज रही है। इस पर कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा कि पुलिस ने पीड़िता से चंद्रमोहन दुबे की शिनाख्त क्यों नहीं करवाई। साथ ही घटनास्थल से जब्त चंद्रमोहन दुबे के सबूतों की जप्ती क्यों नहीं बनाई। पीड़िता द्वारा 164 के बयान में चंद्रमोहन दुबे का नाम लिया गया था तो आरोपी को थाने से क्यों भगाया गया। कोर्ट ने पुलिस से कहा कि जब पीड़िता ने रामलाल का नाम ही नहीं लिया था तो उसे आरोपी कैसे बना दिया। कोर्ट ने पूरे मामले की स्टेटस रिपोर्ट 21 अगस्त तक पेश करने के ​भी आदेश पुलिस को दिए हैं।

आरोपी विपुल ने पत्रकार को बताया मुख्य आरोपी
इस मामले में जेल में बंद आरोपी विपुल से मंगलवार को पुलिस ने जेल जाकर पूछताछ की। सूत्रेां के अनुसार विपुल ने पुलिस को दिए बयान में पत्रकार चंद्रमोहन दुबे को घटना का मुख्य आरोपी बताया है। विपुल ने बताया कि वह तो केवल उसके साथ गया था, उसने बलात्कार नहीं किया है। युवती ने भी विपुल द्वारा बलात्कार नहीं किए जाने की बात कही गई है।

घटनास्थल से मिले आई कार्ड से हुई दुबे की पहचान
पीड़िता ने पुलिस और कोर्ट को बताया कि उसके साथ बलात्कार कर भागते समय चंद्रमोहन दुबे का आई कार्ड उसके घर पर गिर गया था। उसने बताया कि इससे ही दुबे के पत्रकार होने की जानकारी मिली। युवती ने आई कार्ड पुलिस को जप्त कराया है।

*पत्रकार ने दी आत्महत्या करने की धमकी*
पत्रकार चंद्रमोहन दुबे के विरुद्ध मामला दर्ज होने के बाद उसने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर आत्महत्या करने की धमकी दी है। दुबे ने पत्रकारों से अनुरोध किया है कि उसे फर्जी बलात्कार केस में फंसाया जा रहा है। उसका कहना है कि उसकी न तो किसी महिला से बात हुई और न ही उसने उसे देखा है। वह और उसका परिवार भारी तनाव में है और क्या मैं कल्पेश याज्ञिनक जैसे आत्महत्या कर लूं।

मानहानि का भी मामला होगा दर्ज
सोमवार को चंद्रमोहन दुबे को बलात्कार केस में नाम आने और पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की खबर इंदौर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल ने ग्रुपों पर पोस्ट की थी। इसके बाद चंद्रमोहन दुबे ने एक वीडियो जारी कर खारीवाल को ‘दलाल’ जैसे शब्दों से संबोधित किया था। इस मामले में अब खारीवाल ने चंद्रमोहन दुबे के विरुद्ध मानहानि का प्रकरण दर्ज कराने की तैयारी कर ली है।

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