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मध्‍य प्रदेश: चुनाव से पहले कांग्रेस की हालत `बिगड़ैल घोड़े` जैसी, कौन संभालेगा लगाम?

मध्‍य प्रदेश: चुनाव से पहले कांग्रेस की हालत `बिगड़ैल घोड़े` जैसी, कौन संभालेगा लगाम?
Zee News Desk Sat, 04 Aug 2018-7:58 am,

कांग्रेस के बड़े नेता आपसी समन्वय और एकजुट होने के दावे भले करें, मगर हो वही रहा है जो कांग्रेस की नियति रही है. गुटबाजी चरम पर है, नेता खुद सामने न आकर अपने प्यादों के जरिए सारी चालें चल रहे हैं.

भोपाल: कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई पर सीधा किसी का नियंत्रण नहीं रहा है. हालत तो ठीक बिगडै़ल घोड़े जैसी हो चली है, आलम यह है कि कोई प्रदेश प्रभारी महासचिव से अभद्रता कर जाता है तो कोई बैठकें छोड़ देता है तो कोई वरिष्ठ नेताओं पर हमले करने से नहीं चूकता. वहीं, प्रदेश संगठन इन हालातों के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का साहस नहीं जुटा पा रहा है. राज्य में बीजेपी सरकार के खिलाफ बने माहौल को कांग्रेस भुनाने की कोशिश में सफल होती नजर आती. उससे पहले ही पार्टी के भीतर मचा घमासान सतह पर आने लगा है. पार्टी के बड़े नेता आपसी समन्वय और एकजुट होने के दावे भले करें, मगर हो वही रहा है जो कांग्रेस की नियति रही है. गुटबाजी चरम पर है, नेता खुद सामने न आकर अपने प्यादों के जरिए सारी चालें चल रहे हैं.

बावरिया के अभद्रता के मामले ने पकड़ा तूल
हाल ही में रीवा में बैठक लेने पहुंचे कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया के साथ कांग्रेस के ही नेताओं ने अभद्रता कर डाली. उन्हें कमरे में बंद कर दिया और कहा तो यहां तक जा रहा है कि उन पर कुछ लोगों ने हाथ भी चला दिए. बावरिया से अभद्रता करने वालों को एक प्रभावशाली नेता का करीबी बताया जाता है. यह बात अलग है कि उनमें से छह को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया.

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कांग्रेस के छह कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई किए जाने पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता गोविंद मालू ने चुटकी लेते हुए कहा, “बावरिया ने इ��